2 Chapters



"विक्रम... यहाँ... सड़क पर... कोई देख लेगा,

अपनी बाहों में लिया, तुम्हारे कपड़े उतारे

"विक्रम... मैं तुमसे नफरत करती हूँ,"

छोड़ो मुझे! तुम दोनों नीच हो! मुझे घिन आती है तुम दोनों से!"

छूना मत मुझे समीर! दूर हटो

समीर, नहीं! वहाँ नहीं! प्लीज, मर जाऊंगी मैं

माया... तुम उन दो भाइयों से बचकर कहाँ जाओगी?

ऊपर उस बेड पर हुआ, तुम्हारे बदन की एक-एक तड़प, मेरे बेटों की वहशियत

तुम्हें विक्रम और समीर—दोनों की पत्नी और इस पूरी प्रॉपर्टी की आधी हिस्सेदार बनाते हैं।

किसने कहा कि तुम विक्रम की पत्नी हो अनन्या?"

कहाँ है माया?! अगर उसे कुछ हुआ तो मैं तुम सबकी चमड़ी उधेड़ दूँगा!

माँ, वह अब हमारी शादीशुदा औरत है। वह कहीं नहीं जा सकती।"

जब तू पास आती है, तो मेरी पीठ का यह भयानक दर्द गायब हो जाता है... और सिर्फ एक दूसरी प्यास जाग उठती है।"

लाडली बहू कहाँ है? होश में आते ही गायब हो गई! क्या फिर से भागने की कोशिश कर रही है?"

"भाई... यह... यह वही माया है न जो सुबह रो रही थी? यह तो पूरे साक्षात चंडी का अवतार लग रही है!"

आज रात हम तुम्हें इस कदर निचोड़ेंगे कि तू अपनी हर अकड़ भूल जाएगी।"

आज रात यह जिस्म का खेल नहीं, हमारी रूह के बंधने की शुरुआत है।"

जितना चाहे एन्जॉय कर सकते हो। बस इतना ध्यान रखना कि मैं प्रेग्नेंट न हूँ...

आ जाओ समीर... मुझे पूरी तरह अपना बना लो।"

लेकिन तुम्हारी बीवी... माया! वह बाथरूम में नंगी और बेहोश पड़ी है!
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