
Like comment follow chapter ke new update ke liye
विक्रम और समीर दोनों हांफते हुए माया के बेजान, पसीने और वीर्य से सने शरीर के दोनों तरफ ढह गए। हवा में भारी सांसों की आवाज़ें और हवस की कड़वी महक तैर रही थी। माया बेड पर बिल्कुल सीधी पड़ी थी, उसकी सांसें बहुत धीमी और उखड़ी हुई थीं। उसके दोनों बड़े और गोल बूब्स पर लाल-नीले निशानों के साथ-साथ समीर का गाढ़ा, सफेद वीर्य चमक रहा था। उसकी चूत से विक्रम का गर्म पानी धीरे-धीरे बाहर निकलकर जांघों की तरफ बह रहा था, और उसकी गांड की त्वचा जल रही थी।








Write a comment ...