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विक्रम के होंठ माया के रसीले होंठों पर और समीर की खुरदुरी उँगलियाँ उसकी कमर और गांड के मखमली ढलान पर अपनी पकड़ और भी आक्रामक बना रही थीं। उन दोनों के ज़ख्मों से अभी भी हल्की टीस उठ रही थी, लेकिन उनकी आँखों में माया के लाल साड़ी में सजे नंगे बदन को फिर से निचोड़ लेने की वहशी प्यास साफ़ झलक रही थी।








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