रात के करीब १२ बजे का वक्त था। घने काले बादलों ने आसमान को पूरी तरह से घेर रखा था। राकेश और उसकी २१ साल की बेटी कनिका, दोनों एक रिश्तेदार की शादी से लौट रहे थे। शहर अभी भी लगभग बीस किलोमीटर दूर था और गाड़ी सड़क पर दौड़ी जा रही थी।
तभी अचानक मौसम ने करवट ली। मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज़ थी कि गाड़ी के वाइपर भी बेकार साबित हो रहे थे। सामने कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। तभी एक ज़ोरदार खटके के साथ गाड़ी झटके खाकर रुक गई। राकेश ने दो-तीन बार स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन इंजन ने जवाब दे दिया।









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