
दिसंबर की वह रात बेहद ठंडी थी। बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और तेज हवाओं के कारण पूरे इलाके की बिजली जा चुकी थी। घर में चारों तरफ घुप्प अंधेरा था। कॉलेज में पढ़ने वाली अंजलि और उसके ६८ वर्षीय मौसाजी, जो कुछ दिनों के लिए शहर आए थे, लिविंग रूम में एक मोमबत्ती जलाकर बैठे थे। परिवार के बाकी सदस्य एक शादी समारोह में गए थे और रास्ते में जलभराव के कारण वहीं फंस गए थे।
"मौसाजी, बहुत ज्यादा ठंड बढ़ गई है और यह अंधेरा..." अंजलि ने कांपते हुए अपनी शॉल को और कस लिया।








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