पारिवारिक समारोह की वह रात बेहद चकाचौंध और उल्लास से भरी हुई थी। पूरा हॉल मेहमानों से खचाखच भरा हुआ था, और डीजे की तेज आवाज़ के साथ रंग-बिरंगी लाइटें पूरे माहौल को एक जादुई उत्सव में बदल रही थीं। पायल ने उस रात गहरे लाल रंग की बनारसी साड़ी पहनी थी, जिसका बैकलेस ब्लाउज और उसकी पतली कमर पर बंधा हुआ कामुक छल्ला हर किसी की नजरों को अपनी तरफ खींच रहा था। लेकिन पायल की निगाहें पूरे हॉल में सिर्फ एक ही शख्स को ढूंढ रही थीं—उसके ससुर, विक्रम सिंह।
विक्रम सिंह अपनी उम्र के पचासवें पड़ाव पर होने के बावजूद बेहद कड़क, लंबे और कसरती बदन के मालिक थे। सफेद कड़क कुर्ते-पजामे और रेशमी नेहरू जैकेट में उनकी रोबीली शख्सियत किसी राजा से कम नहीं लग रही थी। उनके चेहरे का तेज और गहरी आँखें किसी भी महिला को मदहोश करने के लिए काफी थीं।








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