माया के दिमाग में भाभी की बातें सुनकर एक बार फिर से शरारत और कामुकता का भूत सवार हो गया। दिन के उजाले में पिता के साथ वही सब करने का ख्याल ही उसे अंदर तक रोमांचित कर रहा था। नाश्ते की प्लेट हाथ में लिए वह अपने कमरे में गई और उसने अपनी इस 'खुराफात' को अंजाम देने का फैसला किया।
उसने अलमारी खोली और एक बेहद छोटी, चुस्त शॉर्ट ड्रेस (Short Dress) निकाली। यह ड्रेस इतनी छोटी थी कि उसकी जांघों का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से खुला हुआ था और गर्भावस्था के कारण उभरा हुआ उसका बदन उसमें साफ झलक रहा था। बिना अंतःवस्त्रों (undergarments) के उसने वह ड्रेस पहन ली, जिससे उसकी जांघों के बीच का वह गीलापन और कपड़ों की छुअन उसे और भी बेकाबू करने लगी।






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