
अनीश फर्श पर घुटनों के बल बैठा थरथरा रहा था। उसकी आँखों के सामने उसकी पूरी दुनिया उजड़ रही थी। ससुर जी ने मयूरी के बदन से अपना 10 इंच का अंग बाहर निकाला, जो अभी भी रस और वीर्य से लथपथ चमक रहा था। उन्होंने मयूरी को झटके से फर्श पर छोड़ा और नग्न अवस्था में ही अपने बेटे की ओर बढ़े।
ससुर जी का वह विशाल और भयानक रूप देखकर अनीश पीछे की ओर खिसकने लगा। ससुर जी ने झुककर अनीश का कॉलर पकड़ा और उसे अपनी ओर खींच लिया।


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