
ससुर जी ने जब अपना पाजामा नीचे खिसकाया, तो मयूरी की आँखें फटी की फटी रह गईं। टॉर्च की पीली और मद्धम रोशनी में जो चीज़ बाहर निकलकर आई, वह किसी इंसानी अंग से ज़्यादा कोई काल लग रहा था। ससुर जी का 10 इंच लंबा और 3 इंच मोटा वह काला और सख्त मर्दानगी (dick) गुस्से में किसी फन उठाए सांप की तरह थरथरा रहा था।
मयूरी ने अपनी पूरी ज़िंदगी में कभी ऐसी खौफनाक चीज़ नहीं देखी थी। उसका पति अनीश तो इसके सामने एक बच्चा था। मयूरी के गले से आवाज़ निकलना बंद हो गई, बस उसकी सांसें तेज़ (heavy breathing) चलने लगीं। उसे ऐसा लगा जैसे उसका सीना फट जाएगा।


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