
एक छोटे से रेलवे स्टेशन की तरफ, जहाँ उमस और भीड़ ने लोगों का दम घोंट रखा था।
सोफिया, जिसकी उम्र अभी कच्ची कली जैसी 18 साल थी, अपनी गुलाबी कुर्ती में पसीने से तरबतर खड़ी थी। उसके जिस्म के उभार इस भीड़भाड़ में हर किसी की नज़र का केंद्र बने हुए थे। उसके साथ थे सरताज सिद्दीकी, एक 60 साल के रसूखदार लेकिन अय्याश मिजाज के आदमी, जिनकी सफेद दाढ़ी के पीछे एक भेड़िये जैसी नज़र छिपी थी।






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